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  • दुनिया में कोरोना वायरस के कारण हाहाकार
  • विश्व में हर रोज बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीज

भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बीते बुधवार को 10,000 के पार चली गई. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की डेली सिचुएशन रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अप्रैल तक भारत में 10,363 केस सामने आए और 339 मौतें हुईं.

जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय के कोरोना वायरस डेटाबेस के अनुसार, 15 अप्रैल (शाम 6 बजे) तक 10,000 से अधिक कन्फर्म केसेज वाले 23 देश थे और भारत इनमें 19वें स्थान पर था. आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि कुल 1.97 मिलियन (19,70,000) कोरोना वायरस के मामलों में 76 प्रतिशत से अधिक केवल नौ देशों में दर्ज किए गए– अमेरिका (30 फीसदी), स्पेन (8 फीसदी), इटली (8 फीसदी), जर्मनी (6 फीसदी), फ्रांस (6 फीसदी), ब्रिटेन (4 फीसदी), चीन (4 फीसदी), ईरान (3.8 फीसदी) और तुर्की (3.2 फीसदी).

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इंडिया टुडे की डाटा इंटेलीजेंस यूनिट (DIU) डीआईयू ने इन सभी देशों में कोरोना संक्रमण के मामलों के 10,000 तक पहुंचने की गति का विश्लेषण किया और पाया कि भारत कोरोना वायरस के शुरुआती प्रसार को धीमा करने में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है. भारत में कोरोना संक्रमण जिस गति से 100 केस से बढ़कर 10,000 तक पहुंचा, वह दुनिया में 19वां (23 देशों में जहां 10,000 से अधिक मामले हैं) सबसे धीमा प्रसार है.

100 से 10,000 तक की उछाल

डीआईयू ने यह भी मापा कि सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में 10,000 केस पहुंचने तक इसे दोगुना होने में कितने दिन लगे. भारत में, Covid-19 के केसों की संख्या 100 से 10,000 तक पहुंचने में 30 दिन लगे. इस तरह भारत में हर 4.5 दिन पर कोरोना के केस दोगुने हुए. इस गति के अनुसार, 10,000 से अधिक मामलों वाले 23 देशों में भारत की रैंकिंग 19वीं है जिस गति से कोरोना के मामले दोगुने हो गए.

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चीन इस महामारी का केंद्र है, लेकिन उसने भी स्थिति को नियंत्रित किया. यहां कोरोना के मामले 100 से 10,000 तक पहुंचने में मुश्किल से 10 दिन लगे. यह दुनिया में सबसे तेज गति रही. इसका मतलब है कि चीन में 100 से 10,000 तक पहुंचने में हर 1.8 दिनों में संक्रमण के मामले दोगुने हो रहे थे.