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– 30 सितंबर 2019 को सदर तहसील में बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर की थी हत्या

वाराणसी। जनपद के नए कप्तान अमित पाठक के कमान संभालने के बाद उम्मीद थी कि चर्चित कई मामलों का पर्दाफाश पुलिस कर लेगी, लेकिन पुलिस अभी भी आरोपियों तक पहुंचने का दावा तो कर रही है लेकिन हाथ खाली ही है। ऐसा ही एक दुस्साहसिक वारदात विगत वर्ष 30 सितंबर को सदर तहसील में हुई। बदमाशों ने तहसील परिसर में ही गोलियां बरसाकर सारनाथ थाने के हिस्ट्रीशीटर ठेकेदार नितेश सिंह उर्फ बबलू को मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पुलिस की जमकर किरकिरी हुई और क्राइम ब्रांच तक खाक छानती रही। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी जारी की थी, बावजूद इसके घटना को एक साल बीतने को है लेकिन अब तक पुलिस हवा में तीर चला रही है। इसको लेकर अब सोशल मीडिया के ट्वीटर प्लेटफॉर्म पर जस्टिस फॉर नितेश अभियान चलाया जा रहा है।

बबलू की दिनदहाड़े बदमाशों ने .30 और .32 बोर की पिस्टल से उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब किसी काम से वह तहसील गए हुए थे। उन्हें ना तो अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालने का मौका मिला था और न ही बुलेट प्रूफ फॉर्चूनर में छिपने का। दो हत्यारों ने पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मौत की नींद सुला दिया था। तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने घटना के आठ महीने बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शूटर गिरधारी उर्फ डॉक्टर का नाम प्रकाश में लाया, जिसके ऊपर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।