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  • कमाल अहमद (ओबरा)
  • -जिला अस्पताल में एक पाजीटिव, 81 उतारे गए थे ट्रेन से, गांव, मोहल्ले, परिवार में सनसनी।
    -गुजरात से आयी ट्रेन, लायी कोरोनावायरस की सौगात।
  • ओबरा (सोनभद्र)। अब तक ग्रीन जोन के तमगे से प्रफुल्लित सोन की धरती पर अंततः कोरोना डायन की काली छाया पड़ ही गई। जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज की पाज़ीटिव रिपोर्ट आने से जनपद भर में जहां हड़कंप मच गया वहीं प्रशासन के हाथ पांव फूले हैं। कोरोना मरीज को मिर्जापुर सेंटर भेजने की तैयारी की जा रही है।
    सीएमओ सोनभद्र एसके उपाध्याय ने रविवार को बताया कि बहराइच निवासी 24 वर्षीय शमशाद की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसे कोरोना सेंटर के रूप में स्थापित जिला चिकित्सालय मिर्जापुर भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
    बताया कि उसी के साथ उसका भाई जुबेर भी आया था उसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। सीएमओ के मुताबिक गुजरात से शुक्रवार को जो ट्रेन आयी थी उससे उतारे गए कुल 81लोग 30 बोगियों में बैठे थे। बताया कि जिस बोगी से कोरोनावायरस पाज़ीटिव निकला है उसमें उसी के भाई बंधु थे। श्री उपाध्याय ने यह भी बताया कि ट्रेन में साथ आए लोग भले ही अपने-अपने घरों को चले गए किंतु उनकी ट्रेसिंग चल रही है।
    अब अगर खरी बात कहें तो अब तक नीट एंड क्लीन चल रहे सोनभद्र की धरती पर कोरोना डायन की काली छाया पड़ चुकी है। ग्रीन जोन का उत्सव चिंतन में बदल चुका है। कहना गलत नहीं होगा कहीं न कहीं प्रशासनिक चूक और असावधानी जरूर हुई है।
    गुजरात से आई ट्रेन अपने साथ अनिष्ट और आसुरी छाया साथ लाती है। पूरे देश में महामारी, अफरा तफरी, लाक डाउन की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को चाहिए था कि हेड क्वार्टर से पूर्व ही किसी विशाल निर्जन स्थान पर चिकित्सकीय शिविर बना कर ट्रेन को वहीं रुकवा लेती। यात्रियों के सुविधार्थ वहां सारी व्यवस्था कर रिपोर्ट आने तक यात्रियों को वही रोके रखते, किंतु ऐसा नहीं हो सका।
    अब कई अनिष्ट प्रश्न मथ रहा है, मसलन ट्रेन द्वारा रास्ते भर कोरोना का प्रसार, सहयात्रियों में संक्रमण की संभावना के अतिरिक्त अब तक अपने अपने घरों को पहुंच चुके लोगों का गांव से लेकर पूरे परिवार में इसका प्रसार। गुजरात से सोनभद्र आती ट्रेन जनपदवासियों को भयावह स्थिति की श्रेणी में खड़ा कर दिया है।
    सीएमओ से लेकर प्रशासन तक इसकी विभीषिका, भयावहता, भविष्य के प्रसार को लेकर जहां कुछ कहने की स्थिति में नहीं है वही अनेक ऐसे प्रश्न हैं जिनका जवाब प्रशासन देने की स्थिति में नहीं है।