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मिथिलेश व्दिवेदी/सोनभद्र

● प्रधान मंत्री द्वारा तीनों किसान बिल वापस लिए जाने कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने की प्रेस वार्ता

सोनभद्र। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रामराज सिंह गोंड़ ने शनिवार को पार्टी कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों के खिलाफ जो तीन काले कानून लागू किए थे उन तीनों काले कानून को किसानों के 14 माह के कड़े संघर्ष के बदौलत वापिस ले लिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि लोकसभा में यह बिल लागू हो रहा था तभी राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि किसानों के हित में यह बिल नहीं है, एक दिन सरकार को किसानों के आगे झुकना पड़ेगा और किसान एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा।
आगे बताया कि हमारे नेता राहुल गांधी ने लगातार किसानों के समर्थन में सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जिसकी बदौलत सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा। ऐसे में यह जीत किसानों और देश के अन्नदाताओं की जीत है। वही शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी ने पत्रकारों को बताया कि अपने हक हकूक की लड़ाई लड़ रहे किसानों पर बरबरता पुर्बक लाठियां बरसाई, कड़ाके के ठंड में वाटर कैनन से भिगाया, गोलियां चलवाई और बहुत लोगो को फर्जी मुकदमे में फंसाया गया, बावजूद इसके किसानों ने हार नहीं मानी, अब पांच राज्य में विधानसभा में करारी हार के डर से बैकफुट पर पहुंची नरेंद्र मोदी सरकार ने किसान बिल वापस करने की घोषणा की है।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में जब किसानों को भाजपा के मंत्री के बेटे द्वारा कुचला गया था तब किसानों की लड़ाई कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने लड़ी। पत्रकारों से जिला अध्यक्ष ने पूछा कि किसानों के सत्याग्रह में 700 से अधिक किसानों की मौत का जिम्मेदार कौन है!
उन्होंने बताया कि आज चारों विधानसभाओं में कांग्रेस कार्यकर्ता किसान विजय दिवस के रूप में पैदल मार्च कर रहे है।
प्रेस वार्ता में जिला एवं शहर अध्यक्षों के अतिरिक्त उपाध्यक्ष जगदीश मिश्रा, कोषाध्यक्ष फरीद खा, सचिव शत्रुंजय मिश्रा, मुश्ताक खा, उषा चौबे, कौशलेश पाठक, प्रमोद पाण्डेय मौजूद रहे।