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● देश के तमाम प्राध्यापकों ने नई शिक्षा नीति पर दिया व्यख्यान।

ओबरा(सोनभद्र)। नगर के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा सोनभद्र ने नयी शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत विषय ऑनलाइन शिक्षा एवं उसका कक्ष शिक्षण के साथ सामंजस्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विशेष संदर्भ में एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन हुआ। वेबिनार का शुभारम्भ वर्तुअल सरस्वती वंदना के साथ किया गया। वेबिनार का विषय स्थापन एवं देश विदेश से जुड़े प्रतिभागियों का स्वागत महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक तथा वेबिनार समन्वयक डॉ. राधाकांत पाण्डेय ने किया। वेबिनार में प्रथम वक्ता के रूप में हरिशचंद्र महाविद्यालय वाराणसी के वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल प्रताप सिंह ने अपने व्याख्यान में ऑनलाइन एवं क्लासरूम शिक्षा के महत्व को समझाया साथ ही दोनों के गुण दोष पर भी चर्चा किया, डॉ सिंह ने अपने सुझाव में स्कॉरशिप के स्थान पर मोबाइल या लैपटॉप देने या अन्य सब्सिडी की तरह मोबाइल और लैपटॉप पर भी सरकार सब्सिडी दे तो इससे छात्रों को ऑनलाइन क्लास में सहुलिय होगी।

दूसरे वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ किशोर कुमार, एसोसिएट प्रोफसर इतिहास राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय बादलपुर गौतमबुद्धनगर, ने नयी शिक्षा नीति 2020 के महत्वपूर्ण विन्दुओं पर प्रकाश डाला तथा समय की आवश्यकता के अनुरूप शिक्षक एवम छात्रों को परिवर्तित होने पर बल दिया। तीसरे वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. गोविंद नारायण दवे, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय पवनीकला सोनभद्र ने कोविड-19 में ऑनलाइन शिक्षा को विकल्प बताया साथ हीं ऑनलाइन की समुचित पहुंच एवं नेटवर्क के समस्या को रखा। डाॅ. दवे ने बताया की ज्यादातर राजकीय महाविद्यालय ग्रामीण अंचल में हैं वहां नेटवर्क समस्या है, गरीब बच्चों तक अभी भी मोबाइल,लैपटाॅप पहुंच से दूर है।ऑनलाइन शिक्षा के दौरान ऐसा न हो कि एक वर्ग शिक्षाग्रहण करे वहीं गरीब बच्चे वंचित हो जाएं। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ0 प्रमोद कुमार ने अध्यक्षीय संबोधन में बताया कि इस एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार में कुल 28 राज्यों के 875 प्रतिभागियों ने सहभाग किया जिसमें उत्तर प्रदेश से 180 तो महाराष्ट्र से 103, विदेश के प्रतिभागियों में बांग्लादेश से एक, मनिला से एक, पेरू से एक, कतर से एक, रोमानिया से दो, सउदी अरबिया से एक तथा फिलिपींस से 29 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें ओबरा महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ0 प्रमोद कुमार ने बताया कि महाविद्यालयों के प्राध्यापकोें ने अप्रैल माह के प्रारम्भ से ही ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ कर दिया था।

महामारी ने छात्रों को परंपरागत शिक्षा माध्यम से ऑनलाइन विकल्प को अपनाने को मजबूर किया।ऑनलाइन और ऑफलाइन का सामंजस्य होने से जो छात्र-छात्राएं किसी कारणवश महाविद्यालय नहीं आ पाते थे उनकों पुनः उसी कक्षा का पाठ्य सामग्री बैकअप रूप में प्राप्त हो जाएगा और वे उसको देखकर छुटी कक्षाओं का अध्ययन कर लेगें। कार्यक्रम के अंत में बेविनार संयोजक डाॅ0 किशोर कुमार ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस एक दिवसीय वेबिनार के सह-संयोजक डाॅ0 सुनील कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया। विद्वान वक्ताओं को ई-मेमोंटों द्वारा स्क्रीन शेयर कर संमानित किया गया वेबिनार में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारियों ने बढ़चढ़ के सहभागिता की।