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सोनभद्र कार्यालय

दरअसल OLX और Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फौजियों के नाम पर कई फर्जी अकाउंट बनाए गए हैं। इन अकाउंट पर किसी सेना के अधिकारी या कर्मी की तस्वीर लगाई जा रही है। इन तस्वीरों को ऑर्मी फैन पेज जैसे कई सोशल मीडिया अकाउंट से लिया जाता है। इसके अलावा इन अकाउंट पर फर्जी आईडी (जैसे आधार और पैन कार्ड) भी डाली जा रही है। इन अकाउंट को देखने पर लोगों को लगता है की सेना का कोई अधिकारी अपने पुराने वाहन को बेच रहा है।

सस्ती गाड़ियों का झांसा

इन फर्जी अकाउंट पर लोगों को फंसाने के लिए वाहन को बहुत कम कीमत पर बेचा जाता है। इससे लोग कीमत देखकर इन बदमाशों के झांसे में फंस जाते हैं।

इस तरह जीतते हैं विश्वास

सबसे पहले वाहन खरीदने वाले लोगों से ये धोखेबाज फोन पर बात करते हैं। कई बार ये वीडियो कॉल पर भी बात करते हैं। इसके बाद ये सेना की वर्दी में अपनी तस्वीरों को भेजते हैं। इसके अलावा ये किसी दूसरे व्यक्ति के साथ ली हुई तस्वीर भी शेयर करते हैं और उन्हें अपना वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं। लोगों को धोखा देने के लिए तो कई बार अपने ये अपने आदमी को भी भेजते हैं, जिससे लोगों को शक न हो। विश्वास जीतने के बाद सबसे पहले ये बदमाश लोगों से 2100 से 3100 रुपये तक की टोकन मनी मांगते हैं। ये लेनदेन डिजिटल करेंसी के जरिए की जाती है। ये लोग वाहन की होम डिलीवरी या टोकन मनी के नाम पर पहले पैसा मांगते हैं। लोग फौजी के नाम पर विश्वास कर लेते हैं और पैसे का भुगतान कर देते हैं। इसके बाद ये धोखेबाज अपने नंबर को बंद कर देते हैं।  कई घटनाएं तो ऐसी हैं जहां इन बदमाशों ने लोगों को बेवकूफ बना कर पूरी कीमत तक वसूल कर ली है।

लखनऊ में ज्यादा तर रहते है ऐसे शक्स

बिते दिनों एक शक्स Hav Gopal krisna नामक युवक फौजी बनकर फोन करता है और कहता है मै गाडी बेचने के इच्छुक हूं मै लखनऊ एयरपोर्ट पर मेरी ड्यूटी थी, और अब दूसरे जगह तबादला हो गया है जिससे मैं गाडी बेचना चाहता हूं, बता दूं कि इनका कई लोगों का गिरोह रहता है जो भोली भाली जनता को लूटने का कार्य करते है।