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(सोनभद्र कार्यालय)

दुद्धी। स्थानीय कोतवाली से चंद क़दमों की दूरी पर वार्ड नंबर 1 घनी बस्ती में स्थित एक मुर्गा व्यापारी द्वारा घर में बनाए हुए मुर्गा पोल्ट्री फॉर्म से प्रतिदिन दुद्धी कस्बा सहित कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न गांवों में छोटे व्यापारियों को मुर्गा बेचवाया जा रहा है इसके लिए बाइक तथा प्रेस लिखे वाहन का भी प्रयोग में लाया जा रहा है।इसका खुलासा तब हुआ जब उक्त कारोबारी के पोल्ट्री मुर्गा के कारोबार का मीडियाकर्मियों ने जब दो दिनों से लगातार निगरानी की,वहीं आज गोपनीय पड़ताल की तो पता चला कि कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मलदेवा के बराईडाड व पिपरडीह में दो पोल्ट्री फॉर्म में करीब 500 से 1000 बॉयलर मुर्गे रखे हुए हैं।गपोल्ट्री फार्म के बगल के ग्रामीण ने बताया कि यहां मुर्गा लेने लोग रात्रि में आते हैं और कुछ छोटे चारपहिया वाहनों जिस पर प्रेस लिखी है और दुपहिया वाहनों से मुर्गे वाली जाली में भरकर ले जाते हैं ।यह काम ज्यादातर रात्रि को ही होता है।इस मामले की जानकारी जब दुद्धी पुलिस दी गयी तो एसआई लाल बहादुर ने मौका मुआयना कर पोल्ट्री फार्म के व्यापारी से पूछ ताछ किया। उधर बाहर खड़े मीडियाकर्मियों को फॉर्म के बने जालीनुमा कमरे से बॉयलर मुर्गों की चहचहहाट साफ सुनाई दे रही थी। एसआई लालबहादुर ने व्यापारी से पूछताछ कर मीडियाकर्मियों को बताया मुर्गा तो है लेकिन कोई बेचने का कार्य नही हो रहा है।इस लिए कोई कार्यवाही नहीं हो सकती क्योंकि यह मुर्गा अपने घर में रखे हुए हैं । व्यापार नहीं कर रहे हैं यदि कोई व्यापारी यहां से खरीद कर ले जाता तो कार्रवाई हो सकती थी ।उधर व्यापारी ने बेचे जाने के आरोपो से इनकार करते हुए कहा कि नगवा गांव में 5000 बॉयलर मुर्गा रखा हुआ था उसी को मगाने हेतु मैंने कोतवाली प्रभारी दुद्धी से पास जारी कराया था जो 3 अप्रैल 2020 को हुआ था उसी में का बचा हुआ मुर्गा मेरे पास है और मेरे द्वारा इसे भी नही बेचा जाता।

कोरोना के साथ बर्ड फ्लू की बीमारी फैलने की बढ़ी आशंका

दुद्धी।एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी से बचने के लिए लॉक डाउन 2 किया है।सरकार ने कई एडवाइजरी भी जारी किए है लेकिन इस महामारी में भी कुछ लोगों ने चांदी काटने का जरिया बना रखा है।जो रात के अंधेरे में अपने पोल्ट्री फार्म पर बच्चे को पोष का तैयार मुर्गों को चारपहिया वाहनों से विभिन्न स्थानों पर बेच रहे है।एक पोल्ट्री फार्म तो घनी आबादी में ही संचालित हो रही है ,जिसके बदबू से रहवासियों का जीना दुश्वार हो गया है वहीं भय व्याप्त है कि कहीं क़स्बे में बर्ड फ्लू ना फैल जाए।